WhatsApp Image 2026-08-11 at 5.04.01 PM
WhatsApp Image 2026-08-11 at 5.04.01 PM (1)
WhatsApp Image 2026-08-11 at 5.04.02 PM
WhatsApp Image 2026-08-11 at 5.04.02 PM (1)
WhatsApp Image 2026-08-11 at 5.04.02 PM (2)
WhatsApp Image 2026-08-11 at 5.04.03 PM
WhatsApp Image 2026-08-11 at 5.04.03 PM (1)
WhatsApp Image 2026-08-11 at 5.04.04 PM

Breaking
*आरएसएस के बारे में धूल झोंकने में एक बार फिर नाकाम रहे भागवत**अण्डर ट्रायल रिव्यू कमेटी, मॉनिटरिंग सेल एवं नेशनल लोक अदालत के संबंध में कोण्डागांव जिले के अधिकारियों का बैठक हुआ सम्पन्न।**राहुल गांधी का संसद मार्ग थाने का घेराव,पेलेट गन से घायल युवक की एफआईआर नहीं होने से 6घंटे तक दिया धरना**वंदेमातरम् राष्ट्रगीत है, राष्ट्रीयता की कसौटी नही**लाल किले का भाषण और फासीवादी एजेंडा की खुलती परतें**साइबर क्राइम के विरुद्ध छत्तीसगढ़ पुलिस का “साइबर जागृति अभियान”**मंदिर के चढ़ावे से विपक्षी सांसदों तक डाकेजनी!**एन एच एम में बड़ी कार्रवाई: वित्तीय अनियमितता मामले में डीपीएम, डीएएम और डीटीसी की संविदा सेवा समाप्त**यूनिसेफ प्रतिनिधिमंडल ने शंकरपुर में सामुदायिक पहल कार्यों का किया अवलोकन**शाला प्रवेश उत्सव में विद्यार्थियों एवं ग्रामीणों ने ली नशा मुक्ति की शपथ*

कोंडागांवछत्तीसगढ़ / मध्यप्रदेश

*रंग लाई सांसद की पहल, अब बस्तर को मिलेगा इंद्रावती से उसके हिस्से का 49 फिसदी पानी*

WhatsApp Image 2026-08-11 at 5.04.04 PM
WhatsApp Image 2026-08-11 at 5.04.03 PM (1)
WhatsApp Image 2026-08-11 at 5.04.03 PM
WhatsApp Image 2026-08-11 at 5.04.02 PM (2)

*लोकसभा में सांसद महेश कैसे अपने उठाया था इंद्रावती जल संकट का मुद्दा*

*केंद्रीय मंत्री सी आर पाटिल की अध्यक्षता में राष्ट्रीय जल परिषद की बैठक में राज्य सरकार ने भी उठाया मुद्धा*

*छत्तीसगढ़ आजतक,जगदलपुर 14 अप्रैल 2025*

विगत एक माह से बस्तर जिला जल संकट से जूझ रहा था इसका कारण बस्तर की प्राण दाहिनी इंद्रावती नदी का जल जोरा नाल में अधिक मात्रा में प्रवाहित होना था।
इस वजह से बस्तर में इंद्रावती नदी सूखने के कगार पर पहुंच गई थी और किसने की खड़ी फसल चौपट हो गई थी किसानों के संकट को देखते हुए और इंद्रावती के जल संकट को देखकर बस्तर सांसद महेश कश्यप ने इस विषय को विगत 3 अप्रैल को लोकसभा में उठाया था।
इसके बाद केंद्र सरकार इस समस्या के निराकरण का आश्वासन दिया था। छत्तीसगढ़ सरकार ने भी इस मुद्दे पर अहम भूमिका निभाते हुए केंद्र सरकार को इंद्रावती जल संकट के विषय में अवगत कराया था।
इस मुद्दे पर रविवार को ओडिशा सरकार ने कदम उठाते हुए छत्तीसगढ़ के हिस्से का 49 फ़ीसदी पानी प्रदान करने का आश्वासन दिया है इस संदर्भ में उड़ीसा सरकार ने जोरा नाला एनीकेट में लगाई गई बोरियों को भी हटाया है,जिससे बस्तर की इंद्रावती नदी में जल का प्रवाह बढ़ा है।
ज्ञात रहे की बस्तर अंचल के किसानों ने सांसद महेश कश्यप से मिलकर इंद्रावती जल संकट के विषय में गुहार लगाई थी इसके बाद सांसद महेश कश्यप प्रशासनिक स्तर पर इस समस्या के निदान का प्रयास कर रहे थे और लोकसभा में भी इस विषय को उठाया था।
बस्तर सांसद और छत्तीसगढ़ सरकार के संयुक्त प्रयास से आने वाले समय में इंद्रावती में जल संकट ना हो इसके लिए
नदी में साढ़े तीन करोड़ की लागत से इंद्रावती-जोरानाला के अपस्ट्रीम एवं डाउनस्ट्रीम में जमा सिल्ट,लूज बोल्डर,पत्थर,रेत की बोरी,मिट्टी इत्यादि को स्थाई रूप से नदी से बाहर करने हेतु उड़ीसा राज्य के द्वारा तैयारी किया जा रहा है जिससे पानी का बहाव नैसर्गिक तरीके से होता रहेगा एवं छत्तीसगढ़ राज्य को अपने हिस्से का 50 प्रतिशत पानी मिलना शुरू होगा। इस पर आने वाला खर्च भी उड़ीसा सरकार देगी। स्वीकृति मिलने के बाद एजेंसी तय कर जून 2025 तक कार्य पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है।

Chhattisgarh Aaj Tak
WhatsApp Image 2026-08-11 at 5.04.01 PM
WhatsApp Image 2026-08-11 at 5.04.01 PM (1)
WhatsApp Image 2026-08-11 at 5.04.02 PM
WhatsApp Image 2026-08-11 at 5.04.02 PM (1)

Related Articles