Breaking
*मंदिर के चढ़ावे से विपक्षी सांसदों तक डाकेजनी!**एन एच एम में बड़ी कार्रवाई: वित्तीय अनियमितता मामले में डीपीएम, डीएएम और डीटीसी की संविदा सेवा समाप्त**यूनिसेफ प्रतिनिधिमंडल ने शंकरपुर में सामुदायिक पहल कार्यों का किया अवलोकन**शाला प्रवेश उत्सव में विद्यार्थियों एवं ग्रामीणों ने ली नशा मुक्ति की शपथ**महंगाई, बेरोजगारी एवं डीज़ल-पेट्रोल की कीमतों पर नियंत्रण करने सहित कमी दूर करने सीपीआई ने 6 मांगों को लेकर ज्ञापन सौंपा**एक प्रवक्ता के ‘आखेट’ में झलकती डॉ.आंबेडकर के विचारों से घृणा!**बस्तर में सड़कों और पुलों के काम में आएगी तेजी, लोक निर्माण विभाग के सचिव ने अधिकारियों व ठेकेदारों की ली बैठक**सुप्रीम कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश जस्टिस सूर्यकांत की ‘परजीवी’ और ‘कॉकरोच’ वाली टिप्पणी पर मनोज झा की खुली चिट्ठी**जिला कोंडागाँव में नवीन जिला एवं सत्र न्यायालय भवन के निर्माण से बेहतर कार्य-वातावरण निर्मित होगा एवं न्यायिक प्रक्रिया में तेजी के साथ उच्च गुणवत्तायुक्त न्याय सुविधापूर्वक सुलभ हो सकेगा–माननीय श्री न्यायमूर्ति रमेश सिन्हा मुख्य न्यायाधीश छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय, बिलासपुर**मुख्य न्यायाधिपति छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय बिलासपुर श्री न्यायमूर्ति रमेश सिन्हा, द्वारा प्रधान जिला एवं सत्र न्यायालय भवन,कोण्डागांव का भूमि पूजन एवं शिलान्यास*

छत्तीसगढ़ / मध्यप्रदेश

“ब्लॉक स्तरीय अंगना मा शिक्षा प्रशिक्षण भैरमगढ़ मे सम्पन्न “* भैरमगढ़/बीजापुर–ब्लॉक स्तरीय “अंगना मा शिक्षा

*”ब्लॉक स्तरीय अंगना मा शिक्षा प्रशिक्षण भैरमगढ़ मे सम्पन्न “*

भैरमगढ़/बीजापुर–ब्लॉक स्तरीय “अंगना मा शिक्षा प्रशिक्षण” के तहत पोटा केबिन पुसनार (भैरमगढ़)मे 08 जनवरी2024 को 33 संकुल शैक्षिक समन्वयक व 33 नोडल शिक्षिकाओं को श्रीमती उमेश्वरी साहू (DRG) के द्वारा प्रशिक्षण दिया गया । कार्यक्रम की शुरुआत सरस्वती पूजन एवं सरस्वती वंदना से हुआ ।कार्यक्रम के उद्बोधन में बीआरसी श्री ओयाम सर ने कि कहा कि यह कार्यक्रम विशेष रूप से माता उन्मुखीकरण पर बल देता है।यह कार्यक्रम तभी सफल होगा जब हम ब्लॉक के प्रत्येक स्कूलों में अध्यनरत प्रत्येक बच्चों की माताओ तक इसके उद्देश्य को पहुंचायेंगे । तत्पश्चात एबीइओ श्री शोरी सर ने कार्यक्रम के उद्देश्यों पर प्रकाश डालते हुए बताया कि माताएं प्रथम गुरु होती है तथा बच्चे अधिकतर समय अपनी माताओ के साथ ही रहते है।इसलिए वे घरेलू कार्य के साथ-साथ सीमित संसाधनों में भी खेल-खेल मे बच्चों के सर्वांगीण विकास मे अहम भूमिका निभा सकती है।अतः सभी प्रतिभागी प्रशिक्षण के उद्देश्यों को गंभीरतापूर्वक अन्तिम व्यक्ति तक पहुचायें।
” माताओ के सहभागिता के पहलू ”
प्रशिक्षक श्रीमती उमेश्वरी साहू ने बताया कि किस प्रकार “थॉमस अल्वा एडिसन” जो की बचपन में एक मानसिक बीमार बच्चा था जिसे स्कूल से निकालने के बाद उनकी मा ने घर पर ही शिक्षा देकर महान वैज्ञानिक बनाया था । शिक्षा के क्षेत्र में माता की जागरूकता को बढ़ावा देना अत्यंत आवश्यक है जिससे वे घरेलु कार्य के साथ साथ खेल खेल व मनोरंजक वातावरण में बच्चों को सीखा सके।
प्रशिक्षण में आए हुए सभी प्रतिभागियों ने प्रशिक्षण के महत्व को गंभीरता से लिया तथा सभी ने गतिविधियों में बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया प्रत्येक माह की अलग-अलग भाषाएं एवं गणितीय गतिविधियों मैं सभी प्रतिभागियों ने स्वयं बच्चा बनकर भाग लिया जिससे प्रशिक्षण में रोचकता आ गया।

Chhattisgarh Aaj Tak

Related Articles