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बागी नेताओं पर दीगर पार्टी की नजर

 प्रदेश में चुनावी माहौल गरमाने लगा है। हर पार्टी हर स्तर पर जीत के लिए एड़ी-चोटी का दम लगा रही है। ऐसे में जिन्हें टिकट मिला है वे भी पूरी ताकत के साथ चुनावी मैदान में है। दूसरी ओर बागी नेता समीकरण बिगाड़ने में लगे हैं। भाजपा-कांग्रेस दोनों ही पार्टियों में ऐसे नेताओं की लंबी सूची है। कुछ नेता खुलकर सामने आने लगे हैं तो कुछ नेताओं ने अभी तक अपनी स्थिति स्पष्ट नहीं की है।

टिकट वितरण के बाद कांग्रेस और भाजपा दोनों ही पार्टी में पदाधिकारी और कार्यकर्ताओं की नाराजगी देखने को मिल रही है। रायगढ़ जिले के चार विधानसभा क्षेत्रों में कहीं खुलकर तो कहीं दबी जुबान से विरोध को हवा दिया जा रहा है। इसकी दोनों पार्टी के प्रदेश कार्यालय तक गूंज है। पार्टी के बड़े नेताओं की नींच ऐस नेताओं ने उडाकर रख दी है। सत्ताधारी दल कांग्रेस ने सभी सीटों पर अपने उम्मीदवारों के नाम की घोषणा भाजपा के प्रत्याशी घोषित होने के हफ्ते भर बाद की है।

रायगढ़ से अलग होकर नया जिला बने सारंगढ में भाजपा में अंतर्कलह है। सतनाती समाज बाहुल्य विधानसभा सारंगढ़ के भाजपा नेता मनोज लहरे पार्टी छोड़कर बहुजन समाज पार्टी में शामिल हो गए है। इधर रायगढ़ से भाजपा नेत्री जिला पंचायत सदस्य गोपिका गुप्ता ने नामंकन पत्र क्रय कर लिया है। कांग्रेस नेता उद्योगपति शंकरलाल अग्रवाल ने पार्टी लाइन से अलग दावेदारी के संकेत दिए हैं। ऐसे में दोनों ही पार्टी के लिए ऐसे नेता वोट काटू साबित हो सकते हैं।

इधर आम आदमी पार्टी एवं जनता कांग्रेस छत्तीसगढ़ के नेता ऐसे नेताओं पर नजर बनाए हुए हैं। सम्भवतः उन्हें पार्टी प्रवेश कराकर टिकट दिया जा सकता है।

बहुजन समाज पार्टी, जनता कांग्रेस छत्तीसगढ़ और आम आदमी पार्टी के रणनीतिकारों के अनुसार कांग्रेस व भाजपा के नेता जो वर्तमान राजनीतिक परिस्थितियों से नाराज हैं, उनकी नाराजगी को इस चुनाव में इस्तेमाल किया जा सकता है।

लैलूंगा में गौंड समाज नाराज

टिकट नहीं मिलने से नाराजगी हर तरफ सामने आने लगी है। लैलूंगा विधानसभा क्षेत्र में यह शोर कुछ ज्यादा है। यहां के कांग्रेस नेता सुरेंद्र सिंह सिदार 2017 में जिला लघुवनोपज व जिला कांग्रेस किसान मोर्चा के अध्यक्ष रहे। पिछले दो विधानसभा चुनावों वे वे टिकट के दावेदार रहे हैं, लेकिन उन्हें पार्टी ने मौका नहीं दिया। इसी तरह यहां के भाजपा नेता कुंवर राजा देवेन्द्र प्रताप सिंह को भी पार्टी से नाराज बताया जा रहा है। वे भाजपा से जिला पंचायत सदस्य है। दोनों नेता लैलूंगा में सामाजिक, राजनीतिक रूस से हमेशा सक्रिय रहे।

 

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