*संघर्ष के प्रतिक लाल झण्ड़ा लेकर सी.पी.आई. पहुंचा कोण्डागांव-माकड़ी ब्लॉक के गांवों में*

अपने अधिकारों की रक्षा के लिए संघर्श के प्रतिक लाल झण्डे का थामने का अपील किया।
*छत्तीसगढ़ आजतक, कोंडागांव 18 अप्रैल 2026*
कोण्डागांव सीपीआई पार्टी संघर्ष के प्रतिक लाल झण्ड़ा को लेकर लाल सलाम के नारों के साथ सी.पी.आई. जिला परिषद कोण्डागांव, 17 अप्रैल को ब्लॉक कोण्डागांव एवं माकड़ी के विभिन्न गांवों में पहुंचा और अपने अधिकारों की रक्षा के लिए संघर्श के प्रतिक लाल झण्डे का थामने का अपील किया।
सी.पी.आई. जिला परिषद कोण्डागांव से जुडे विभिन्न गांवों के पार्टी साथियों के साथ मोटर सायकलों एवं चार पहिया वाहनों पर सवार होकर संघर्श के प्रतिक लाल झण्ड़ा को लेकर लाल सलाम के नारों के साथ ब्लॉक कोण्डागांव के चिपावण्ड, मालगांव, ब्लॉक माकड़ी के अमरावती, बीजापुर, बड़े घोड़सोडा, किरमारी, बिंजोली, नेवरा, छतोड़ी, सोहंगा, बेड़ागांव, हिरलाभाट, आंगाकोना, अनतपुर, गुमड़ी, एरला आदि ग्रामों में पहुंचे और ग्रामीणजनों को संदेश दिया कि उनके अधिकारों की रक्षा और स्थानीय समस्याओं के समाधान के लिए कम्युनिस्ट पार्टी ऑफ इंडिया के साथी उनके बीच मौजुद हैं।
ज्ञात हो कि सी.पी.आई. जिला परिषद् कोंडागांव के द्वारा 26 दिसम्बर 2025 को कम्यूनिश्ट पार्टी ऑफ इंडिया का 100 वां स्थापना दिवस मनाए जाने के बाद से ही कोण्डागांव जिले के विभिन्न ब्लॉक/तहसीललों के विभिन्न ग्रामों में संघर्श के प्रतिक हंसिया-हथौड़ा, हंसिया बाली निशान वाले लाल झण्डे को लेकर लाल सलाम के नारों के साथ मोटर सायकल एवं चार पहिया वाहनों में सवार होकर, कम्युनिश्ट पार्टी ऑफ इंडिया के भारत देश में 100 वर्श पूर्ण होने का संदेश देते प्रदर्शन यात्रा निकाला जा रहा है। इसी क्रम को आगे बढ़ाते हुए सीपीआई छत्तीसगढ़ राज्य परिशद् सचिव मण्डल सदस्य काम.तिलक पाण्डे के निर्देश एवं जिला सचिव का.षैलेश, सहायक सचिव काम.दिनेश, सहायक सचिव काम.जयप्रकाश, सोमारु, बिसम्बर, पतिराम, लक्ष्मण, रामकुमार, सरादू, मुकेश, सुखचरण, बुधियारिन, ब्रिजलाल, माहंगू, मानसिंग, दुबेश, घसिया राम, संतलाल, सोनसिंग, सोमनाथ, दिपेश आदि विभिन्न गांवों से पहुंचे कम्युनिश्ट साथियों के साथ चार पहिया एवं दो पहिया वाहनों से लाल सलाम और कम्यूनिस्ट पार्टी ऑफ इंडिया जिंदाबाद के नारों के साथ लाल झण्ड़ा प्रदर्शन यात्रा निकाला गया और उपरोक्त गांवों से होते हुए ग्राम एरला में पहुंचकर लाल झण्ड़ा प्रदर्शन यात्रा का समापन किया गया।



