*नन्ही मन्नत को मिली नई जिंदगी समय पर उपचार से जन्मजात हृदय रोग से मिली राहत*

*छत्तीसगढ़ आज तक, बीजापुर, 24 दिसंबर2025*
मुख्यालय के ग्राम कटियाररास, वार्ड क्रमांक–3 निवासी नन्ही बच्ची मन्नत तर्मा आज पूरी तरह स्वस्थ होकर सामान्य जीवन की ओर लौट चुकी है। जन्म से ही गंभीर जन्मजात हृदय रोग से पीड़ित मन्नत ने महज 1 वर्ष 3 माह की उम्र में इस कठिन बीमारी से संघर्ष किया, लेकिन स्वास्थ्य विभाग की चिरायु टीम की तत्परता और समय पर उपचार ने उसकी जिंदगी बचा ली।
मन्नत की माता श्रीमती देवी तर्मा ने बताया कि शुरुआत में परिवार को बच्ची की बीमारी की गंभीरता का अंदाजा नहीं हो सका। अगस्त 2025 से मन्नत की तबीयत लगातार बिगड़ने लगी। उसे सांस लेने में तकलीफ होने लगी और वह बार-बार बीमार पड़ने लगी, जिससे परिवार गहरी चिंता में डूब गया।
इसी दौरान जिला चिकित्सालय में भर्ती के समय चिरायु टीम ‘ए’ ने बच्ची की गंभीर स्थिति को पहचाना और तत्काल इलाज की प्रक्रिया शुरू की। 26 नवंबर 2025 को टीम के सहयोग से मन्नत को रायपुर रेफर किया गया। 27 नवंबर 2025 को वेंकटेश हॉस्पिटल, रायपुर में विशेषज्ञ चिकित्सकों की निगरानी में आवश्यक जांच की गई और 28 नवंबर 2025 को बच्ची का सफल हृदय ऑपरेशन किया गया।
ऑपरेशन के बाद सतत निगरानी और समुचित देखभाल के पश्चात 2 दिसंबर 2025 को मन्नत को अस्पताल से डिस्चार्ज किया गया। वहीं 10 दिसंबर 2025 को हुए फॉलोअप में डॉक्टरों ने उसकी सेहत में उल्लेखनीय सुधार पाया। वर्तमान में मन्नत पूरी तरह स्वस्थ है और अन्य बच्चों की तरह हँसती-खेलती नजर आ रही है।
उल्लेखनीय है कि मन्नत का संपूर्ण इलाज एवं हृदय ऑपरेशन राष्ट्रीय बाल सुरक्षा योजना (चिरायु योजना) के अंतर्गत निःशुल्क किया गया। यह सफलता सरकारी स्वास्थ्य योजनाओं की प्रभावशीलता और स्वास्थ्य विभाग की संवेदनशीलता को दर्शाती है।
नन्ही मन्नत की कहानी यह संदेश देती है कि समय पर पहचान, सही इलाज और प्रशासनिक सहयोग से गंभीर बीमारियों को भी मात दी जा सकती है। आज मन्नत न केवल अपने परिवार, बल्कि पूरे क्षेत्र के लिए आशा और प्रेरणा का प्रतीक बन चुकी है।
सिटी ब्यूरो बीजापुर – राज कश्यप



