*दिल में छेद, पर उम्मीद ज़िंदा: चंदू से लेकर स्वास्थ्य मंत्री तक… सबकी मदद से शांभवी हुई ठीक।*

*छत्तीसगढ़ आजतक, बीजापुर 8 अक्टूबर 2025*
छत्तीसगढ़ के बीजापुर जिले के एक छोटे से गाँव वरदल्ली की 11 वर्षीय बच्ची शांभवी को, जिसके दिल में छेद था, गाँव वालों, एक स्थानीय परिचित, पुलिस अधिकारियों और अंत में स्वास्थ्य मंत्री श्यामबिहारी जायसवाल की पहल से नया जीवन मिला है। बच्ची का लगभग 25 लाख रुपये का महंगा इलाज रायपुर के एक निजी अस्पताल में पूरी तरह से मुफ्त कराया गया।
शांभवी के पिता विक्कू केवल 2500 प्रति माह कमाते हैं, और यह बड़ी रकम जुटाना उनके लिए नामुमकिन था। बच्ची की सांस फूलने और सीने में दर्द की शिकायत के बाद पता चला कि उसके दिल में छेद है और वॉल्व खराब है। डॉक्टरों ने इलाज का खर्च 20-25 लाख बताया था, या फिर मुंबई जाने की सलाह दी थी, जिससे परिवार की उम्मीदें टूट गई थीं।

गांव वालों, पुलिस और मंत्री का सहयोग
परिवार करीब एक साल तक इलाज के लिए भटकता रहा। इस दौरान रायपुर में रहने वाले परिचित चंदू ने उनकी मदद की, जो खुद अपने कैंसर पीड़ित पिता की देखभाल कर रहे थे।
गांव वालों की पहल: परिवार की मुश्किल सुनकर गांव के लोग आगे आए और छोटी-छोटी रकम जुटाकर लगभग 10,000 की मदद की।

लॉज संचालक और पुलिस का सहयोग: रायपुर में रुकने के लिए संघर्ष कर रहे परिवार की मदद एक लॉज संचालक ने की। यहीं पर कुछ पुलिस अधिकारियों को बच्ची की कहानी पता चली। इन पुलिस अधिकारियों ने ही अगले दिन बच्ची को स्वास्थ्य मंत्री श्यामबिहारी जायसवाल से मिलवाया।
मंत्री की त्वरित कार्रवाई: मंत्री जायसवाल ने बच्ची से बातचीत की और डॉक्टरों को तुरंत इलाज के निर्देश दिए। शुरुआती तौर पर अंबेडकर अस्पताल में सुविधा नहीं होने पर, मंत्री के निर्देश पर बच्ची को निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां 25 लाख का इलाज राज्य सरकार की योजना के तहत मुफ्त किया गया।
पुलिस अधिकारियों ने अपनी पहचान गोपनीय रखने का आग्रह किया और लॉज संचालक ने भी नाम न छापने की बात कही। पुलिस अधिकारियों ने तो जरूरत पड़ने पर शांभवी को खून भी डोनेट किया।
इलाज सफल, स्वास्थ्य मंत्री ने दिया भरोसा
शांभवी करीब 20 दिनों तक निजी अस्पताल में भर्ती रही और अब वह पूरी तरह से स्वस्थ है, जल्द ही उसे डिस्चार्ज कर दिया जाएगा। अपनी बच्ची को ठीक देखकर उसकी मां की आँखें खुशी से भर आईं।
अस्पताल पहुंचकर बच्ची और उसके परिजनों से बातचीत के बाद, स्वास्थ्य मंत्री श्यामबिहारी जायसवाल ने कहा कि मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में सरकार का यह कदम सिर्फ एक बच्ची के लिए नहीं, बल्कि राज्य के हर गरीब परिवार के लिए भरोसे का संदेश है। उन्होंने कामना की कि “हर एक पिता की उसकी अपनी शांभवी हमेशा मुस्कुराती रहे। हर परिवार की आंखों में उम्मीद की चमक हमेशा बनी रहे।”
यह घटना छत्तीसगढ़ में मानवीयता और सरकारी संवेदनशीलता का एक सुंदर उदाहरण है।



