रायपुर शहर में 9 एकड़ शासकीय भूमि में गड़बड़ी, प्राइवेट बिल्डर को नियम विरुद्ध शासन द्वारा किया गया एलाट*
*छत्तीसगढ़ आजतक, रायपुर/कोंडागांव 26 नवंबर 2024*
रायपुर में सरकारी कॉलेज की जमीन को प्रशासन ने एक बिल्डर को अलॉट कर दिया है। इसकी जानकारी मिलने पर कुर्मी और साहू समाज के स्थानीय लोग विरोध कर रहे हैं। स्थानीय लोगों ने इसके लिए अब आंदोलन करने का ऐलान कर दिया है। स्थानीय लोगों ने ये खुलासा रायपुर में प्रेस क्लब में प्रेस कॉन्फ्रेंस में किया।
हमर माटी हमर भुईयां रक्षा समिति अमलीडीह नाम की संस्था इस जमीन अलॉटमेंट का विरोध कर रही है। कुर्मी समाज के लीलाधर चंद्राकर, हरदिहा साहू समाज के अध्यक्ष मन्ना राम साहू, सतनामी समाज के मंगलदास कोसरिया, यादव समाज के कन्हैया यादव, सेन समाज के देव कुमार जैन, छत्तीसगढ़ क्रांतिसेना के धीरेंद्र साहू मिलकर प्रशासन के इस फैसले का विरोध कर रहे हैं।9 एकड़ शासकीय भूमि में गड़बड़ी
सामाजिक पदाधिकारियों ने बताया कि अमलीडीह में 3.203 हेक्टेयर यानी करीब 9 एकड़ शासकीय भूमि में गड़बड़ी हुई है। पिछली सरकार में रायपुर ग्रामीण के विधायक सत्यनारायण शर्मा ने कॉलेज जमीन के लिए सरकारी जमीन आरक्षित कराई थी। राजेश अग्रवाल नाम के बिल्डर ने इस जमीन के आबंटन के लिए आवेदन किया था। राजस्व विभाग ने बिल्डर को जमीन देने का आदेश 28 जून को जारी कर दिया।
लीलाधर चंद्राकर ने बताया कि गांव में यही एक सरकारी जमीन बची थी जिस पर कॉलेज का निर्माण होना था। स्थानीय लोगों ने इस सिलसिले में मुख्यमंत्री, राजस्व मंत्री और स्थानीय विधायक मोतीलाल साहू को ज्ञापन भी भेजा है। अब हम सभी विरोध जताएंगे और सरकार से मांग करेंगे कि यहां पर कॉलेज ही बने।
9 एकड़ सरकारी जमीन बिल्डर को दिए जाने का मुद्दा उठा
वहीं बैठक में अतिरिक्त विषय में अमलीडीह में 9 एकड़ सरकारी जमीन एक बिल्डर को दिए जाने पर लंबी चर्चा की गई। मेयर ढेबर ने बताया कि MIC सदस्य सहदेव व्यवहार ने कहा कि उनके वार्ड में सरकारी जमीन एक बिल्डर को 152 प्रतिशत नियम के तहत आबंटित कर दी गई है। और यह काम शासन की ओर से किया गया है।
मेयर ने कहा कि यह जमीन का आबंटन करने के 2 दिन बाद सरकार ने इस योजना को ही बंद कर दिया। मेयर का आरोप है कि एक बिल्डर को फायदा पहुंचाने के लिए यह निर्णय लिया गया। वहीं नियमों को अवहेलना की गई है।
मेयर ने बताया कि उनकी परिषद इस संबंध में सभी मंत्रियों और सेक्रेटरी के पास जाकर इसकी शिकायत करेंगे और जिसके नाम जमीन की रजिस्ट्री को निरस्त करने की मांग करेंगे। अगर रजिस्ट्री शून्य नहीं होगी तो इस मामले में वह कोर्ट जाएंगे।
रायपुर शहर के प्रबुद्ध नागरिकों में एक बार फिर यह चर्चा भाजपा की सरकार आई जमीनों की बंदर बा ट प्रारंभ….?
….. टिफिन की कीमत 9 एकड़ भूमि….
….. ऐसा क्या स्वादिष्ट भोजन था जो पहुना पहुंचा था…..
जिसका भुगतान 9 एकड़ जमीन के रूप में करना पड़ा……?
…. एक टिफिन की कीमत आप क्या जानू प्रकाश बाबू….?
…… रायपुर की जनता से की आत्मा से पूछिए…..?
एक टिफिन की कीमत 9 एकड़ जमीन….?



