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कोंडागांवछत्तीसगढ़ / मध्यप्रदेश

*नारायणपुर मुठभेड़ में 27 नक्सली ढेर, सुरक्षाबलों को बड़ी सफलता…*

*अबूझमाड़ में चल रहे बड़े एंटी नक्सल ऑपरेशन के बीच सीएम साय का बड़ा बयान, कहा- अब नहीं सरेंडर की अपील की आवश्यकता…*

*छत्तीसगढ़ आजतक, कोंडागांव/नारायणपुर/अबूझमाड़ 21मई 2025*

अबूझमाड़ में चल रहें नक्सल ऑपरेशन को लेकर आ रही बड़ी खबर के बीच मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने बड़ा बयान दिया है. उन्होंने कहा कि हम शुरू ही नक्सलियों से सरेंडर करने की अपील कर रहे हैं. अब इसमें और अपील की आवश्यकता नहीं है.
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने नक्सल ऑपरेशन को लेकर मीडिया से चर्चा में कहा बीते 3 दिनों से नक्सल ऑपरेशन चल रहा है. जवानों के साहस को नमन करते हैं. ऑपरेशन ऑपरेशन खत्म होने पर (नक्सलियों की मौत) एडजेक्ट आंकड़े आएंगे. हम जवानों के साहस को नमन करते हैं.
अबूझमाड़ के नारायणपुर, बीजापुर, दंतेवाड़ा सीमावर्ती इलाके में बड़ा एंटी नक्सल ऑपरेशन जारी है. सुरक्षाबलों को प्राप्त इनपुट के आधार पर ऑपरेशन को अंजाम देते हुए बड़ी कामयाबी हासिल की है. अब तक 26 नक्सली मारे जाने गए हैं. वहीं इस ऑपरेशन में रूपेश से भी बडे़ कमांडर फंसे हुए हैं.

इससे पहले छ्त्तीसगढ़ और तेलंगाना के सीमा पर स्थित कर्रेगुट्टा पहाड़ी नक्सल मुक्त बनाने के लिए 21 अप्रैल से 11 मई तक विरोध अभियान चलाया था. 21 दिनों तक चले ऑपरेशन ब्लैक फॉरेस्ट में जवानों ने 31 नक्सली ढेर किए थे. इसके अलावा 214 माओवादी ठिकानों और बंकरों को नष्ट करने के साथ 450 IED रिकवर किए गए थे. नक्सलियों के खिलाफ इस महा अभियान में कोबरा, डीआरजी के 18 जवान घायल हुए थे.

बता दें कि केंद्रीय मंत्री अमित शाह ने छत्तीसगढ़ को 2026 तक नक्सलमुक्त बनाने का निश्चय किया है. इसके बाद से सुरक्षा बों के जवान लगातार नक्सलियों का सफाया करने में लगे हैं. लगातार नक्सलियों के खिलाफ सर्चिंग ऑपरेशन चलाया जा रहा है. वहीं बढ़ते दबाव के चलते कई नक्सलियों ने आत्मसमर्पण भी कर दिया है.

 *नारायणपुर मुठभेड़ में 27 नक्सली ढेर, सुरक्षाबलों को बड़ी सफलता…*

नारायणपुर:– नक्सल प्रभावित क्षेत्र नारायणपुर से बड़ी खबर सामने आ रही है। यहां दंतेवाड़ा और बीजापुर की सीमावर्ती इलाके में सुरक्षाबलों और नक्सलियों के बीच जबरदस्त मुठभेड़ जारी है। सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक जवानों ने इस मुठभेड़ में करीब 27 नक्सलियों का एनकाउंटर कर दिया हैं। फिलहाल अभी आधिकारिक पुष्टि का इंतजार किया जा रहा है।
बताया जा रहा है कि नक्सलियों और जवानों के बीच मुठभेड़ अभी भी जारी है, जिनमें बड़े कैडर के माओवादी भी शामिल हैं। यह ऑपरेशन दंतेवाड़ा, नारायणपुर और बीजापुर जिलों की सरहद पर चल रहा है।

इस मुठभेड़ में DRG, STF और BSF के जवान शामिल हैं। खबर है कि ऑपरेशन को गुप्त इनपुट के आधार पर अंजाम दिया गया है, और सुरक्षाबलों को इस अभियान में बड़ी सफलता मिली है।

5 करोड़ का नक्सली लीडर बसव राजू ढेर :

गुरिल्ला युद्ध में था महारथ, बीटेक की पढ़ाई के बाद माओवादी संगठन से जुड़ा, कई बड़ी घटनाओं को दिया अंजाम, जानें कौन है बसव राजू…*

नारायणपुर. छत्तीसगढ़ के अबूझमाड़ में नक्सलवाद के खिलाफ चलाए गए ऑपरेशन में सुरक्षा बलों को बड़ी कामयाबी मिली है. नक्सल प्रभावित नारायणपुर जिले में सुरक्षा बलों और नक्सलियों के बीच हुई मुठभेड़ में 27 नक्सली मारे गए. जवानों ने सभी नक्सलियों के शव बरामद कर लिए हैं. इस मुठभेड़ में नक्सली लीडर बसव राजू भी मारा गया. उसके ऊपर 5 राज्यों झारखंड, तेलंगाना, आंध्रप्रदेश, महाराष्ट्र और छत्तीसगढ़ को मिलाकर 5 करोड़ का इनाम घोषित था.

जानकारी के मुताबिक, बसव राजू नक्सल संगठन का जनरल सेक्रेटरी था. वह कई बड़ी घटनाओं को अंजाम दे चुका था. 2010 के दंतेवाड़ा हमले में 75 सीआरपीएफ जवान शहीद हुए थे. इसमें भी बसव राजू का ही हाथ था.

*जानिए कौन था बसव राजू*

जानकारी के मुताबिक बसव राजू आंध्र प्रदेश के श्रीकाकुलम का रहने वाला था. उसने बीटेक की पढ़ाई की थी. 1970 में उसने घर छोड़ दिया और माओवादी संगठन के साथ जुड़ गया. इस दौरान उसने 1987 में बस्तर के जंगल में लगे लिट्टे के कैंप में बम बनाने और एंबुश की ट्रेनिंग भी ली थी. राजू को बम बनाने का एक्सपर्ट माना जाता था. 2018 में उसे नक्सल संगठन की कमान सौंपी गई थी. बसवा राजू का असली नाम नंबाला केशव राव है. उसे गगन्ना, प्रकाश और बीआर के नाम से भी जाना जाता है. उसकी उम्र करीब 75 साल के आसपास बताई जा रही है. बसवा राजू खूंखार नक्सली था. वह भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (माओवादी) का सीनियर कैडर था और दक्षिण बस्तर डिवीजनल कमेटी का चीफ था. वह छत्तीसगढ़, ओडिशा से लेकर आंध्रप्रदेश की सीमाओं पर सक्रिय था.

*जानें आपराधिक रिकॉर्ड*

नक्सली बसव राजू ने गुरिल्ला युद्ध में महारथ हासिल किया था. वह कई नक्सली हमलों को अंजाम दे चुका था. इनमें पुलिसकर्मियों और नागरिकों की हत्या, खनन कंपनियों से उगाही और सरकारी संपत्तियों को नुकसान पहुंचाना शामिल है. सुकमा और दंतेवाड़ा में सबसे बड़े नक्सली हमले में भी राजू शामिल था. 2010 के दंतेवाड़ा हमले में 75 सीआरपीएफ जवान शहीद हुए थे. इसमें बसव राजू का ही हाथ था. आंध्रप्रदेश के तत्कालीन मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू पर भी जानलेवा हमले की घटना में वह शामिल था.

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