*बीजापुर में नक्सलवाद को बड़ा झटका, एक करोड़ से अधिक के इनामी 103 माओवादियों ने किया आत्मसमर्पण*

*छत्तीसगढ़ आजतक, बीजापुर 2 अक्टूबर 2025*
बीजापुर । गांधी जयंती के अवसर पर छत्तीसगढ़ के बीजापुर जिले में नक्सल उन्मूलन अभियान को एक ऐतिहासिक सफलता मिली है। क्षेत्र में सक्रिय 103 माओवादियों ने हिंसा का मार्ग त्यागकर समाज की मुख्यधारा में शामिल होने का संकल्प लेते हुए पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों के समक्ष आत्मसमर्पण कर दिया है। आत्मसमर्पण करने वाले इन माओवादियों पर कुल मिलाकर एक करोड़ छह लाख तीस हजार रुपये का इनाम घोषित था।
यह आत्मसमर्पण समारोह दंतेवाड़ा रेंज के पुलिस उप महानिरीक्षक (डीआईजी) श्री कमलोचन कश्यप, केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (केरिपु) बीजापुर सेक्टर के डीआईजी श्री बी.एस. नेगी और बीजापुर के पुलिस अधीक्षक डॉ. जितेन्द्र कुमार यादव सहित अन्य वरिष्ठ पुलिस एवं अर्धसैनिक बलों के अधिकारियों की उपस्थिति में संपन्न हुआ।
पुलिस अधिकारियों ने जानकारी देते हुए बताया कि आत्मसमर्पण करने वालों में नक्सली संगठन के कई महत्वपूर्ण पदाधिकारी शामिल हैं। इनमें एक डिवीजनल कमेटी मेंबर (डीव्हीसीएम), चार प्रादेशिक पीपुल्स कमेटी मेंबर (पीपीसीएम), चार एरिया कमेटी मेंबर (एसीएम) और पांच एरिया कमेटी सदस्य हैं। इसके अतिरिक्त, विभिन्न नक्सली संगठनों जैसे कि डीएकेएमएस, सीएनएम, केएएमएस और जनताना सरकार के अध्यक्ष, उपाध्यक्ष और सदस्यों ने भी हथियार डाले हैं। आत्मसमर्पण करने वालों में पांच मिलिशिया कमांडर और 23 मिलिशिया प्लाटून के सदस्य भी शामिल हैं, जो संगठन की सैन्य शक्ति का अहम हिस्सा थे।
वरिष्ठ अधिकारियों ने इस बड़ी सफलता का श्रेय शासन की विकासोन्मुखी नीतियों को दिया है। उन्होंने कहा कि अंदरूनी और दूरदराज के इलाकों में सुरक्षा कैंपों की स्थापना तथा सड़क, बिजली और पानी जैसी मूलभूत सुविधाओं के विस्तार से आदिवासियों का जीवन स्तर सुधर रहा है और नक्सली विचारधारा से उनका मोहभंग हो रहा है।
शासन की पुनर्वास नीति के तहत आत्मसमर्पण करने वाले सभी माओवादियों को मुख्यधारा में लौटने पर हरसंभव मदद का आश्वासन दिया गया है। इस अवसर पर प्रत्येक आत्मसमर्पित माओवादी को प्रोत्साहन राशि के रूप में 50-50 हजार रुपये के चेक तत्काल प्रदान किए गए।



